कृष्णजन्माष्टमी भगवान श्री कृष्ण का जनमोत्सव है। योगेश्वर कृष्ण के भगवद्गीता के उपदेश अनादि काल से जनमानस के लिए जीवन दर्शन प्रस्तुत करते रहे हैं। जन्माष्टमी को भारत में हीं नहीं बल्कि विदेशों में बसे भारतीय भी पूरी आस्था व उल्लास से मनाते हैं। श्रीकृष्ण ने अपना अवतार भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मध्यरात्रि को अत्याचारी कंस का विनाश करने के लिए मथुरा में जन्म लिया। इसलिये भगवान स्वयं इस दिन पृथ्वी पर अवतरित हुए थे अत: इस दिन को कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाते
श्री कृष्ण जी की लीलाएं
भगवान श्री कृष्ण ने बहुत सी लीला की है जब द्रोपती का चीर हरण हो रहा था तब द्रौपदी ने श्रीकृष्ण को पुकारा और अन्य भगवान को भी पुकारा लेकिन उस समय श्री कृष्णा रुक्मणी के साथ चौसर खेल रहे थे तब द्रोपती ने हृदय से पूर्ण परमात्मा को पुकारा तब कबीर परमेश्वर ने उनका चीर बढ़ाया क्योंकि द्रौपदी ने एक बुड्ढे अंधे साधु को अपना एक साड़ी का टुकड़ादेकर उनकी लाज बचाई थी तब उस साधु ने उस को आशीर्वाद दिया था कि बेटा आज तुमने मेरी लाज बचाई भगवान तुम्हारी भी लाज बचाएगा
श्री कृष्ण जी ने एक लीला करके यह बताया है कि पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब है एक बार श्री कृष्ण जी ने भगवान इंद्र का घमंड तोड़ने के लिए वृंदावन के लोगों को कहा कि तुम गोवर्धन पर्वत की पूजा करो तब भगवान इंद्र ने श्रीकृष्ण पर गुस्सा होकर वृंदावन पर बहुत बारिश की तब श्री कृष्ण ने एक पूरा पहाड़ अपनी सबसे छोटी अंगुली पर उठा लिया था और वंदावन के लोगों को बचाया और उन्होंने यह भी बताया कि पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब है
मीराबाई ने आजीवन श्रीकृष्ण की भक्ति नहीं की थी मीराबाई को जब कबीर साहेब संत रविदास के रूप में मिले थेतब उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण पूर्ण परमात्मा नहीं है तब मीराबाई ने पूछा कि मैं तो उनको ही पूर्ण परमात्मा मानती हूं तब संत रविदास जी ने कहा कि आप खुद श्रीकृष्ण से पूछ लेना वह आपको बता देंगे तब मीराबाई ने रात को श्रीकृष्ण से बात की तब उन्होंने पूछा कि आप से भी कोई ऊपर भगवान है तब श्री कृष्ण भगवान ने कहा कि हां मेरे से ऊपर भी पूर्ण परमात्मा है तब मीराबाई ने संत रविदास जी से नाम दीक्षा लेकर परमात्मा की भक्ति की थी
श्री कृष्ण जी ने अपने दोस्त सुदामा को एक मुट्ठी भर चावल देने के बदले एक उन को महल बना कर दे दिया था और कबीर परमेश्वर ने तैमूर लंग को एक रोटी के बदले 7 पीढ़ी का राज दिया था
👉भगवान श्री कृष्ण का भी जन्म मरण होता है वह पूर्ण परमात्मा कबीर साहिब हैं जिसका जन्म मरण नहीं होता है वह स शरीर आते हैं और सशरीर सतलोक जाते हैं
👉हमारे वेदों और सद ग्रंथों अनुसार पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब है अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखें वेबसाइट
Www.jagatgururamapalji.org





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