Holy sprictures

Sunday, May 31, 2020

कबीरपरमेश्वर_के_साथ_52बदमाशी



कबीरपरमेश्वर_के_साथ_52बदमाशी


शशेखतकी ने कबीर साहेब जी को 52 बार मारने की कोशिश की थी।


♣️कबीर जी को मारने के लिए उन्हें खूनी हाथी के आगे बांध कर डाला गया।
लेकिन अविनाशी कबीर जी ने हाथी को शेर रूप दिखा दिया। जिससे हाथी भयभीत होकर भाग गया।
सबने कबीर जी की जय जयकार की।

♣️कबीर परमेश्वर को तोप के गोलों से मारने की व्यर्थ चेष्टा"
कबीर जी को मारने के लिए शेखतकी के आदेश पर पहले पत्थर मारे, फिर तीर मारे। परन्तु परमेश्वर की ओर पत्थर या तीर नहीं आया। फिर चार पहर तक तोप यंत्र से गोले चलाए गए।
लेकिन दुष्ट लोग अविनाशी कबीर जी का कुछ नहीं बिगाड़ सके।

♣️दिल्ली के सम्राट सिकंदर लोधी ने जनता को शांत करने के लिए अपने हाथों से हथकड़ियाँ लगाई, पैरों में बेड़ी तथा गले में लोहे की भारी बेल डाली आदेश दिया गंगा दरिया में डुबोकर मारने का। उनको दरिया में फैंक दिया। कबीर परमेश्वर जी की हथकड़ी, बेड़ी और लोहे की बेल अपने आप टूट गयी। परमात्मा जल पर सुखासन में बैठे रहे कुछ नहीं बिगड़ा।

♣️कबीर परमात्मा जब एक बार गंगा दरिया में डुबोने से भी नहीं डूबे तो शेखतकी ने फिर आदेश दिया कि पत्थर बाँधकर पुन: गंगा के मध्य ले जाकर जल में फैंक दो। सब पत्थर बँधन मुक्त होकर जल में डूब गए, परंतु परमेश्वर कबीर जी जल के ऊपर सुखासन लगाए बैठे रहे। नीचे से गंगा जल की लहरें बह रही थी। परमेश्वर आराम से जल के ऊपर बैठे थे।

♣️कबीर साहेब को मारने के लिए शेखतकी ने तलवार से वार करवाये। लेकिन तलवार कबीर साहेब के आर पार हो जाती क्योंकि कबीर साहेब का शरीर पाँच तत्व का नहीं बना था उनका नूरी शरीर था। फिर सभी लोगों ने कबीर साहेब की जय जयकार की।
साहेब कबीर को मारण चाल्या, शेखतकी जलील।
आर पार तलवार निकल ज्या, समझा नहीं खलील।।

♣️उबलते तेल में जलाने की चेष्टा
कबीर जी को जीवित जलाने के लिए उन्हें उबलते तेल के कड़ाहे में डाला गया। लेकिन समर्थ अविनाशी परमात्मा का  बाल भी बांका नहीं हुआ।

♣️"शेखतकी द्वारा कबीर साहेब को गहरे कुँए में डालना"
शेखतकी ने कबीर साहेब को बांध कर गहरे कुँए में डाल दिया, ऊपर से मिट्टी, ईंट और पत्थर से कुँए को पूरा भर दिया। फिर शेखतकी सिकन्दर राजा के पास गया वहां जाकर देखा तो कबीर परमेश्वर पहले से ही विराजमान थे।

♣️कबीर परमेश्वर को शेखतकी ने उबलते हुए तेल में बिठाया। लेकिन कबीर साहेब ऐसे बैठे थे जैसे कि तेल गर्म ही ना हो। सिकन्दर बादशाह ने तेल के परीक्षण के लिए अपनी उंगली डाली, तो उसकी उंगली जल गई। लेकिन अविनाशी कबीर परमेश्वर जी को कुछ भी नहीं हुआ।

♣️कबीर साहेब जब सत्संग कर रहे थे तब शेखतकी ने सिपाही से कहा कि इनके गले में जहरीला साँप डाल दो लेकिन वो साँप कबीर साहेब के गले में डालते ही सुंदर पुष्पों की माला बन गया। क्योंकि कबीर साहेब पूर्ण परमात्मा थे।

♣️कबीर साहेब सिकंदर लोधी के दरबार में बैठकर सत्संग कर रहे थे तब शेखतकी ने सिपाही से कहा कि लोहे को गर्म करके पिघलाकर पानी की तरह बनाओ और कबीर साहेब पर डालो। ठीक ऐसा ही हुआ जब लोहा गर्म करके पिघलाकर कबीर साहेब पर डाला तब वह फूल बन गए जैसे की मानो फूलों की वर्षा होने लगी। तब सभी ने कबीर साहेब की जय जयकार लगाई।

♣️परमात्मा के शरीर में कीले ठोकने का व्यर्थ प्रयत्न"
कबीर साहेब को मारने के लिए एक दिन शेखतकी ने सिपाहियों को आदेश दिया की कबीर साहेब को पेड़ से बांधकर शरीर पर बड़ी बड़ी कील ठोक दो। लेकिन जब कील ठोकने चले तो सिपाहियों के हाथ पैर काम करना बंद हो गए और वो वहाँ से भाग गए और शेखतकी को फिर परमात्मा कबीर साहेब के सामने लज्जित होना पड़ा।

♣️शेखतकी पीर ने कबीर साहेब को नीचा दिखाने के लिए 3 दिन के भंडारे की कबीर साहेब के नाम से सभी सभी आश्रमों में झूठी चिठ्ठी डलवाई थी कि कबीर जी 3 दिन का भंडारा करेंगे सभी आना भोजन के बाद एक मोहर, एक दोहर भी देंगे। कबीर साहेब ने 3 दिन का मोहन भंडारा भी करा दिया था और कबीर साहेब की महिमा भी हुई।


♣️"भूखा प्यासा मारने की चेष्टा"
एक दिन शेखतकी ने कबीर साहेब को नीम के पेड़ में लोहे के तार से बांधकर भूखा प्यासा छोड़ दिया और सोचा कि कबीर साहेब मर जाएंगे। लेकिन कबीर साहेब को कुछ नहीं हुआ और वो वापिस जीवित दरबार में पहुँच गए।
पानी से पैदा नहीं, स्वांसा नहीं शरीर।
अन्न आहार करता नहीं, ताका नाम कबीर।।

♣️"मुर्दे को जीवित करने की परीक्षा लेना"
दिल्ली के बादशाह सिकन्दर लोधी के पीर शेख तकी ने कहा कबीर जी को तब अल्लाह मानेंगे जब मेरी मरी हुई लड़की को जीवित कर देगा जो कब्र में दबी हुई है। कबीर परमेश्वर जी ने अपनी समर्थ शक्ति से हजारों लोगों के सामने उस लड़की को जीवित किया और उसका नाम कमाली रखा। कबीर परमेश्वर सर्वशक्तिमान हैं।

♣️"कबीर साहेब को जहरीले बिच्छू द्वारा मारने का प्रयास"
शेखतकी के आदेश पर सिपाही बहुत सारे बिच्छू टोकरी में भरकर सिकंदर लोधी राजा के दरबार में गए जहाँ कबीर साहेब सत्संग कर रहे थे फिर सिपाहियों ने कबीर साहेब पर बिच्छू छोड़ना शुरू कर दिया। लेकिन सभी बिच्छू कबीर साहेब तक पहुँचने से पहले ही विलीन हो गए।
यह देखकर सभी लोग हैरान हो गए और कबीर साहेब के जयकारे लगाने लगे

♣️"खूनी हाथी से मरवाने की व्यर्थ चेष्टा"
शेखतकी के कहने पर दिल्ली के बादशाह सिकंदर लोधी ने कबीर परमेश्वर को खूनी हाथी से मरवाने की आज्ञा दे दी। शेखतकी ने महावत से कहकर हाथी को एक-दो शीशी शराब की पिलाने को कहा।
हाथी मस्ती में भरकर कबीर परमेश्वर को मारने चला। कबीर जी के हाथ-पैर बाँधकर पृथ्वी पर डाल रखा था। जब हाथी परमेश्वर कबीर जी से दस कदम (50 फुट) दूर रह गया तो परमेश्वर कबीर के पास बब्बर शेर खड़ा केवल हाथी को दिखाई दिया। हाथी डर से चिल्लाकर (चिंघाड़ मारकर) भागने लगा। परमेश्वर के सब रस्से टूट गए। उनका तेजोमय विराट रूप सिकंदर लोधी को दिखा। तब बादशाह ने कांपते हुए अपने गुनाह की माफी मांगी।


♣️दिल्ली के बादशाह सिकन्दर लोधी के पीर शेखतकी ने कहा कि अगर यह कबीर अल्लाह है तो इसकी परीक्षा ली जाए कोई मुर्दा जीवित करे। तब सर्वशक्तिमान कबीर परमात्मा ने दरिया में बहते आ रहे एक लडके के‌ शव को हजारों लोगों के सामने जीवित किया। उसका नाम कमाल रखा। कबीर परमेश्वर समर्थ भगवान हैं। पूर्ण परमात्मा ही मृत व्यक्ति को जीवित कर सकता हैं।


♣️शेखतकी ने जुल्म गुजारे, बावन करी बदमाशी,
खूनी हाथी के आगे‌ डालै, बांध जूड अविनाशी,
हाथी डर से भाग जासी, दुनिया गुण गाती है।
शेखतकी ने अविनाशी को मारने के लिए खूनी हाथी के आगे डाला। हाथी कबीर भगवान के पास जाते ही डर कर भाग गया। तब लोगों ने कबीर साहेब की जय-जय कार की। कबीर भगवान अविनाशी है।

👆 इस तरह से 52 बार मारने का प्रयास किया गया था कबीर परमात्मा को,


Wednesday, May 20, 2020

राजनीतिक एवं सामाजिक स्थिति

वर्तमान सामाजिक एवं राजनीतिक स्थिति

राजनीतिक एवं सामाजिक पहलुओं के बीच होने वाली अन्तःक्रियाओं का विश्लेषण करते हैं; अर्थात् राजनीतिक कारकों तथा सामाजिक कारकों के पारस्परिक सम्बन्धों तथा इनके एक-दूसरे पर प्रभाव एवं प्रतिच्छेदन का अध्ययन करते हैं।

संत रामपाल जी महाराज द्वारा सामाजिक सुधार के कार्य
 वर्तमान की सामाजिक एवं राजनीतिक स्थिति बहुत ही खराब हैं 
 समाज में फैली बुराइयां बहुत ही घर कर चुकी हैं जेसे- 
                                       नशा  
 दहेज 
कालाबाजारी
 रिश्वतखोरी
 चोरी डकैती 
जाती पाती का भेदभाव 
भ्रष्टाचार 
 मांसाहारी इत्याद
 नशा एक ऐसी  बुराई है जिससे युवाओं पर बहुत ही बुरा असर पड़ रहा है जिससे सारे लाखों घर बर्बाद हो गए और इससे बहुत महिलाएं भी बहुत दुखी हैं नशे से इंसान राक्षस प्रवृत्ति का हो जाता है उसमे इंसानियत नहीं रहती वह अपने बच्चों से और अपनी पत्नी से भी बुरा व्यवहार करता है जिससे बहुत सी  महिलाएं दुखी हैं

  नशा मुक्त अभियान इसको रोकने में सरकार व समाज दोनों असफल रहे 
लेकिन संत रामपाल जी महाराज ने इस  बुराई को जड़ से खत्म करने का बीड़ा उठाया है
देखिए इस वीडियो में कैसे संत रामपाल जी महाराज एक नशा मुक्त भारत का निर्माण कर रहे हैं

👇👇👇👇👇👇👇👇👇
https://youtu.be/gDN2z94AJ0

  दहेज प्रथा समाज में ऐसी बुराई जिसके कारण बेटियों को गर्भ में ही मार दिया जाता है क्योंकि एक अमीर पिता तो अपनी बेटी को दहेज दे सकता है लेकिन एक गरीब अपनी बेटी को दहेज देने में असमर्थ होता है तो उसे समाज से डर लगता है कि कहीं मुझे दहेज देना ना पड़ जाए तो इसके डर से अपनी बेटियों  को गर्भ में ही मार देते हैं
दहेज मुक्त अभियान संत रामपाल जी महाराज दहेज मुक्त भारत बना रहे हैं
 संत रामपाल जी महाराज के संदिग्ध में 15 मिनट में शादी होती है जिसमें ना बैंड ,ना घोड़ा ,ना सामाजिक खर्चे ,ना 
दिखावा सिर्फ 15 मिनट में सिंपल तरीके से शादी होती है जिसमें ना दहेज देते हैं और ना ही लेते हैं जिससे अनेकों परिवार सुखी हुए और बेटियां भी बोझ नहीं लगती

संत रामपाल जी महाराज इसी तरह दहेज प्रथा को समाप्त कर दहेज मुक्त भारत का निर्माण कर रहे ह
👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇
https://youtu.be/5OW602qn4WM


शिष्य जाती पाती  का भेदभाव मिटाना
संत रामपाल जी महाराज ने जाति पति का भेद को मिटाया है उनका कहना है कि हम सभी एक मालिक के बच्चे हैं जाती प जाति पति यहां समाज ने बनाई है

👍जीव हमारी जाति है मानव धर्म हमारा 
हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई धर्म नहीं कोई न्यारा
संत रामपाल जी महाराज ने अनेकों समाज सुधार के कार्य किए


.समाज में शांति व भाईचारा स्थापित करना।
4.भ्रष्टाचार को खत्म करना।
5.सामाजिक बुराइयों को समाप्त करके स्वच्छ समाज तैयार करना।
6. विश्व में सद्भक्ति देकर मोक्ष प्रदान करना।
8. युवाओं में नैतिक और आध्यात्मिक जागृति लाना।

9.समाज से पाखंडवाद को खत्म करना।


कोरोना बीमारी के चलते हुए अनेकों देश के मजदूर फंसे हुए  जिनको संत रामपाल जी महाराज के शिष्य  आश्रम में भंडारे की व्यवस्था की और उनको बसों के द्वारा अपने देश में 
पहुंचाया

👉https://youtu.be/3sKkLZ5hmtU
अधिक जानकारी के लिए अवश्य सुनिए सत्संग साधना चैनल पर शाम 7:30 बजे

Thursday, May 14, 2020

भारत का पुनरुत्थान



            👉 भारतीय जीवन का वर्तमान स्वरूप:

– हमारे देश का स्वरूप यहाँ की सामाजिक विषमताओं और कुरीतियों के कुपरिणाम स्वरूप बहुत अधिक दुःखद ओर क्रूर बन गया है। आज भारतीय जीवन विभिन्न प्रकार की सामाजिक कुरूतियों से संकटग्रस्त हो चुका है। आज भारतीय जीवन मे अनेक प्रकार की 👇
सामाजिक अव्यवस्था – वर्णव्यवस्था , अंधविश्वास, जातिवाद, सम्प्रदायवाद, क्षेत्रवाद, प्रांतवाद, भाषा-बोली वाद, दहेज-प्रथा, बाल-विवाह प्रथा, सती -प्रथा, आदि रूढिया ओर कुरीतिया फैल चुकी है। 
                👉इससे सम्पूर्ण जीवन स्वरूप को मानो ग्रहण लग चुका है। इस प्रकार की कुरुतियों से देश और समाज के साथ-साथ हर व्यक्ति चिंतित ओर परेशान है।
 और आधुनिक समय में तो बहुत ही गिरावट आ चुकी है
जैसे नशा, बलात्कार, बेटियों को गर्भ में ही मार देना😲
 नशा 👉  नशे का व्यापार : शराब, स्मैक, अफीम, हेरोइन, तंबाकू, सिगरेट, भांग, चरस और गांजे का व्यापार भारत में कई वर्षों से जारी है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों से सिगरेट, तंबाकू और शराब के व्यापार में अप्रत्याशित रूप से बढ़ोतरी हुई है। देश का युवा यदि नशे में डूब जाएगा तो फिर देश का भविष्य क्या होगा? भारत के सीमावर्ती राज्यों में ड्रग्स का व्यापार अपने चरम पर है।
 आर्थिक व्यवस्था भी बिगड़ती है और
 आजकल देखा जाए तो बेटियों को गर्भ में ही मार दिया जाता है बेटियां ही नहीं बचेगी तो विकास कैसे होगा
आज हमारे भारत देश मे समस्यायों का अम्बार लगा हुआ है। वर्षो की गुलामी ने हमारे दिल और दिमाग पर गहरा असर डाला है। भारत एक ओर तो जहां विकास की ऊंचाइयां छूने के लिए तैयार है, वहीं वह दूसरी ओर पतन की शुरुआत भी कर चुका है। व्यापार, राजनीति, समाज और धर्म के साइड इफेक्ट तो देखने को मिल ही रहे हैं लेकिन इससे कहीं ज्यादा खतरनाक हो रहे हैं हालात।

संपूर्ण विश्व के भ्रष्ट और चालाक राजनीतिज्ञ भारत को निगलने की फिराक में बैठे हैं क्योंकि भारत के राजनीतिज्ञ औसत दर्जे की सोच रखते हैं।
हम लगातार बढ़ती जनसंख्या, काबू से बाहर होती महंगाई, गरीबी के कारण भुखमरी, आदि


भारत एक सोने की चिड़िया कहलाने वाला देश आज सबसे गरीब देश माना जाता है 

 सरकार ने सरकार ने कई योजनाएं बनाई समाज में फैली कुरुतिया को रोकने के लिए जैसे शराब बंद करना  ,बाल विवाह रोकना दहेज प्रथा को खत्म करना
 जातिवाद को मिटाना
 बीमारियों को रोकने के प्रयास बलात्कार रोकना समाज और सरकार दोनों ही असफल रहे आज देश के हालात और भी बिगड़ते जा रहे हैं भारत नीचे गिरता जा रहा है इसी के चलते हम आपको बताना चाहते हैं कि 👇

🤔भारत का  पुनरुत्थान कौन करेगा??????
संत रामपाल जी महाराज जी वह मसीहा है जो भारत का  पुनरुत्थान करेंगे
            सभी भविष्य वक्ताओं ने 21वीं सदी में भारत के विश्वशक्ति बनने और ऐसे एक महान धार्मिक व्यक्ति के उदय की भविष्यवाणियां की हैं, जो दुनियाभर में अपने विचारों को लेकर प्रसिद्ध होगा। नास्त्रेदमस हो या प्रो. कीरो सभी देशी-विदेशी भविष्य वक्ताओं ने भारत में एक मसीहा के जन्म की भविष्यवाणी की है। आओ जानते हैं कि सभी किस तरह भारत को लेकर एकमत

सभी भविष्य वक्ताओं ने 21वीं सदी में भारत के विश्वशक्ति बनने और ऐसे एक महान धार्मिक व्यक्ति के उदय की भविष्यवाणियां की हैं, जो दुनियाभर में अपने विचारों को लेकर प्रसिद्ध होगा। नास्त्रेदमस हो या प्रो. कीरो सभी देशी-विदेशी भविष्य वक्ताओं ने भारत में एक मसीहा के जन्म की भविष्यवाणी की है। आओ जानते हैं कि सभी किस तरह भारत को लेकर एकमत

महत्वपूर्ण भविष्य वक्ताओं के अनुसार वह भारत का मसीहा संतरामपालजीमहाराज हैं जो कि भारत का पुनरुत्थान करेंगे

संत रामपाल जी महाराज ने अनेक समाज सुधार कार्य किए हैं जैसे कि नशा,  दहेज प्रथा ,मृत्यु भोज  ,जाती -पाती का  भेद मिटाना, सिंपल तरीके से शादी करवाना जिसमें सामाजिक कुरुतिया  नही होती और ना ही खर्चे
 संत रामपाल जी महाराज क के शिष्य कोई भी नशा नहीं करता ना ही मृत्यु भोज करते हैं और जातिवादी का भेदभाव भी नहीं रखते हैं दहेज भी नहीं लेते हैं और गरीबों की सहायता भी करते हैं  सरकार और समाज इन कुरीतियों को मिटाने में असफल रही है
संत रामपाल जी महाराज के बताएं अनुसार भक्ति करने से हर बीमारी भी ठीक होती चाहे वह कैंसर हो चाहे कैंसर का बाप हो बहुत से लोगों की बीमारियां ठीक हुई है जिसका इलाज पूरी दुनिया में ना हो वह बीमारी संत रामपाल जी ठीक करते हैं क्योंकि संत रामपाल जी महाराज शास्त्रों के अनुसार भक्ति बताते हैं
अभी कोरोना जैसी बीमार बीमारी का इलाज किसी के पास नहीं है अमेरिका, चीन ,रूस और कहीं अनेकों बड़े बड़े देश हैं यहां तक कि   who विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी घोषित कर दिया कि इस बीमारी का इलाज नहीं है लेकिन संत रामपाल जी महाराज के पास इस बीमारी का भी इलाज है और उनके द्वारा बताए गए भक्ति करने से यह बीमारी भी ठीक होती है

जैसे भविष्य वक्ताओं के अनुसार
👇


  स्पष्ट है कि संत रामपाल जी महाराज ही भारत का  पुनरुत्थान करेंगे
भविष्यवाणियों के लिए यह लिंक जरूर देखें
👇👇👇
https://youtu.be/qakP9CKotik8


Wednesday, May 13, 2020

नास्तिकता


नास्तिकता


नास्तिक लोग ईश्वर (भगवान) के अस्तित्व का स्पष्ट प्रमाण न होने कारण झूठ करार देते हैं। अधिकांश नास्तिक किसी भी देवी देवता, परालौकिक शक्ति, धर्म और आत्मा को नहीं मानते।नास्तिकों का कहना यह है कि ईश्वर में विश्वास करने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती।
जगत् में इतनी मारकाट, इतना नाश और ध्वंस तथा इतना दु:ख और अन्याय दिखाई पड़ता है कि इसका संचालक और पालक कोई समझदार और सर्वशक्तिमान् और अच्छा भगवान नहीं माना जा सकता



🤗आज हम बताएंगे कि हम  सभी जो भक्ति करते है वह क्या सही है

1 क्या श्राद्ध निकलना उचित है ?

 नही| क्यों आइये जानते है सूक्ष्म वेद के अनुसार

‘‘श्राद्ध-पिण्डदान करें या न करें’’
वाणी सँख्या 3:- जीवित बाप से लठ्ठम-लठ्ठा, मूवे गंग पहुँचईयाँ।जब आवै आसौज का महीना, कऊवा बाप बणईयाँ।।3।।

 अंध श्रद्धा.... सदियाँ गुजर जायेगी इनको इससे बाहर निकालने में!

👉नास्तिकों का कहना यह है कि ईश्वर में विश्वास करने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती।  जब कि यह प्रमाणित हो जाए कि कभी सृष्टि की उत्पत्ति हुई होगी।

जो लोग वेद को परम प्रमाण नहीं मानते वे नास्तिक कहलाते हैं। आज हम अपने वेद धर्म शाश्त्रो  को आधार मन कर पुख्ता प्रमाणों  से सिद्ध करते है कि  भगवान कबीर साहेब  है जिन्होंने जीव  जंतु  मनुष्यो की उत्पति की और पूरी दुनिया को बनाया  !




पवित्रात्माऐं कृप्या सत्यनारायण (अविनाशी प्रभु/सतपुरुष) द्वारा रची सृष्टी रचना का वास्तविक ज्ञान पढ़ें।

1. पूर्ण ब्रह्म

2. परब्रह्म

3. ब्रह्म

(उपरोक्त तीनों पुरूषों (प्रभुओं) का प्रमाण पवित्र श्री मद्भगवत गीता अध्याय 15 श्लोक 16,17 में भी है।)पूर्ण प्रभु का मानव सदृश शरीर तेजोमय (स्वज्र्योति) स्वयं प्रकाशित है। एक रोम कूप की रोशनी अरब सूर्यों के प्रकाश से भी ज्यादा है।

यही पूर्ण प्रभु सतलोक में प्रकट हुआ तथा सतलोक का भी अधिपति यही है। इसलिए इसी का उपमात्मक (पदवी का) नाम सतपुरुष (अविनाशी प्रभु)है।पवित्र गीता जी अध्याय 14 श्लोक 3 से 5 तक है। ब्रह्म (काल) कह रहा है कि प्रकृति (दुर्गा) तो मेरी पत्नी है, मैं ब्रह्म (काल) इसका पति हूँ। हम दोनों के संयोग से सर्व प्राणियों सहित तीनों गुणों (रजगुण - ब्रह्मा जी, सतगुण – विष्णु जी, तमगुण - शिवजी) की उत्पत्ति हुई है। मैं (ब्रह्म) सर्व प्राणियों का पिता हूँ तथा प्रकृति (दुर्गा) इनकी माता है। मैं इसके उदर में बीज स्थापना करता हूँ जिससे सर्व प्राणियों की उत्पत्ति होती है। प्रकृति (दुर्गा) से उत्पन्न तीनों गुण (रजगुण ब्रह्मा, सतगुण विष्णु तथा तमगुण शिव) जीव को कर्म आधार से शरीर में बांधते हैं।

यही प्रमाण अध्याय 15 श्लोक 1 से 4 तथा 16, 17 में भी है।

गीता अध्याय नं. 15 का श्लोक नं. 1

ऊध्र्वमूलम्, अधःशाखम्, अश्वत्थम्, प्राहुः, अव्ययम्, छन्दांसि, यस्य, पर्णानि, यः, तम्, वेद, सः, वेदवित्।।

अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट पर सर्च करे 👇👇www.jagatgurusantrampalji.org

Thursday, May 7, 2020

सतगुरु की पहचान

🌿सतगुरु की पहचान🌿
👉👉सतगुरु की पहचान हमारे शास्त्र गीता जी के अध्याय नंबर 15 के श्लोक नंबर 1 से 4 तक विवरण किया गया ह  श्लोक नंबर 16 मैं प्रमाणित
               🌷🌷अक्षर पुरुष एक पेड़ है निरंजन वाकी डार
          तीनों देवाशाखा है यह पांत रूप संसार👇
                                                          उल्टे लटके हुए संसार रूपी वृक्ष  का पूर्ण ज्ञान हो  वही सतगुरु है
   💕सतगुरु हमारे किए हुए पापों का नाश भी कर सकता है
                        

सच्चा सतगुरु कौन


                      🌹सच्चे सतगुरु की परिभाषा🌹
🌺सतगुरु के लक्षण ,कहूं मधुरे बेन विनोद !
  🌺  चार वेद छह शास्त्र ,कहे अठारा बोध !
    👉 सच्चा सतगुरु वह  होता है जो हमारे सभी शास्त्रों से प्रमाणित ज्ञान बताते हैं और भक्ति बताते है
                👍और आज पूरे विश्व में सिर्फ और सिर्फ संत रामपाल जी महाराज शास्त्रों से प्रमाणित ज्ञान और भक्ति बताते हैं जिससे साधक सतलोक की प्राप्ति करता है
 🙏अधिक जानकारी के लिए अवश्य् सुने सतसँग साधना चैनल पर शाम 7:30 बजे

Wednesday, May 6, 2020

नशा से मुक्ति

नशा सर्वप्रथम तो इंसान को शैतान बनाता है फिर शरीर का नाश होताहै। शरीर के चार महत्वपूर्ण अंग हैं फेफड़े, लीवर, गुर्दे, हृदय। शराब सबसे प्रथम इन चारों अंगों को खराब करती है।


इन सब से निजात पाने के लिए संत रामपाल जी महाराज के सत्संग अवश्य सुनिए शाम 7:30 pm

गोवर्धन पूजा

 गोवर्धन पूजा क्या है?????????? गोवर्धन पूजा के सम्बन्ध में एक लोकगाथा प्रचलित है। कथा यह है कि देवराज इन्द्र को अभिमान हो गया था। इन्द्र का...